बिरसा मुंडा का जीवन परिचय 2024
बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 ईस्वी में झारखंड के छोटा नागपुर के एक
India VlogMarch 20, 2024बिरसा मुंडा का जीवन परिचय
Johar दोस्तों आज हम एक ऐसे महान व्यक्ति के बारे में बात करने जा रहे हैं जो की हमारे झारखंड में ही नहीं पूरे देश में प्रसिद्ध भगवान बिरसा मुंडा जो की उन्होंने काफी संघर्ष किए थे और अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे आज हम उनके बारे में आप लोगों को बताने जा रहे हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
बिरसा मुंडा के माता-पिता
बिरसा मुंडा के माता का नाम करणी मुंडा पिता का नाम सुगना मुंडा
बिरसा मुंडा का जीवन परिचय एवं परिवार
बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 ईस्वी में झारखंड के छोटा नागपुर के एक छोटे से गांव में हुआ जो की एक गरीब परिवार में हुआ था बिरसा मुंडा के पिता का नाम सुगना मुंडा और माता का नाम करणी मुंडा।
बिरसा मुंडा बचपन से ही जो आंदोलनकारी और अन्य के खिलाफ खड़े हो जाते थे। बिरसा मुंडा ने काफी संघर्ष किया है देश और राज्य के लिए बिरसा मुंडा एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अंग्रेजों को धूल चटाने का काम किया और अंग्रेजों से लड़ने का क्षमता दिखाया क्योंकि इतना ही अन्याय और झारखंड के लोगों को सताया जा रहा था और जमींदारों और सूदखोरों ने काफी उद्गम मचाया हुआ था। अंग्रेजों के खिलाफ उन्होंने अपनी सेना तैयार किया। अंग्रेजों के खिलाफ विरोध करते समय 1894 में जब महामारी फैली थी तो बिरसा ने लोगों को खूब सेवा किया करते थे क्योंकि बिरसा मुंडा एक समाज सेवी भी थे।
बिरसा मुंडा का अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष
1 अक्टूबर 1814 को बिरसा ने अपने सारे मुन्ना भाइयों को लेकर अंग्रेजों को खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट की है।
क्योंकि अंग्रेजों ने काफी लोगों पर अत्याचार और लगान वसूली का काम करने लगे और लोगों को काफी सताने लगे इसी के कारण बिरसा मुंडा और उसके साथ ही ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का निर्णय किया।
बिरसा मुंडा दौरा किया गया विद्रोह और विद्रोह का अंत
1897 से लेकर 1900 तक मुंडा अंग्रेजों को के बीच काफी संघर्ष और लड़ाई हुई जिस जिसमें अंग्रेजों के नाक में दम करके रखा था कुछ युद्ध में मुंडा भाइयों ने जीता कुछ अंग्रेजों ने जीता।
लगातार दो-तीन साल लड़ाई करने के बाद बिरसा मुंडा और उनके साथ ही होने एक पुलिस स्टेशन में दवा बोल दिया 1898 में भी बरसा की सेवा और अंग्रेजों के बीच घमासान लड़ाई हुई जिसमें मुंडा लोग गिरफ्तार हो गए थे।
जनवरी 1900 में डोगरी पहाड़ी पर अंग्रेजों व सैनिकों के बीच काफी लड़ाई हुई जिसमें मुंडा सैनिक के कुछ बच्चे बच्चियों और परिवार अपनी जान गवा चुके थे। जान गंवाने का कारण यही था कि अचानक अंग्रेजों ने हमला करना शुरू कर दिया।
अंग्रेजी सैनिक ने बिरसा मुंडा के शिष्यों को गिरफ्तार कर लिया और 3 फरवरी के दिन स्वयं बिरसा मुंडा गिरफ्तार कुछ गद्दारों ने कुछ रूपो के खातिर बिरसा मुंडा को अंग्रेजों को पकड़वा दिया। और बिरसा मुंडा को गिरफ्तार करके रांची के एक हवालात में बंद कर दिया 9 June 1900 को बिरसा मुंडा रांची के जेल में ही मृत्यु हो गया मृत्यु का कारण बताया जा रहा है कि भेजो की बीमारी के कारण भगवान बिरसा मुंडा का मृत्यु हो गया था।
आज भी बिहार झारखंड उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में बिरसा भगवान की तारीफ और उनकी पूजा किया जाता है और वहां पर बरसा एक की एक प्रतिमा भी लगाई गई है जो हर साल बिरसा मुंडा पुण्यतिथि और जन्मतिथि पर माला अर्पण करते हैं। क्योंकि बिरसा मुंडा ने काफी संघर्ष किए थे और अंग्रेजों के खिलाफ अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ काफी लड़े थे और काम ही उम्र में मात्र 24 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो जाती है।
बिरसा मुंडा का मृत्यु
3 मार्च 1900 के दिन बिरसा मुंडा को आदिवासी लड़ाकू की गोरिल्ला सेवा के साथ मुखोपड़े वन में ब्रिटिश सैनिकों ने अपने-अपने पकड़ में लिया और 9 जून 1980 में रांची स्थित कारागार में मात्र 25 वर्ष की आयु में उसकी मृत्यु हो जाती है और पूरा झारखंड सदमे में रहता है। और इसी तरह एक महान क्रांतिकारी योद्धा का जीवन समाप्त होता है और भगवान बिरसा मुंडा हम सबों के बीच से अचानक चले जाते हैं और पूरा झारखंड बंगाल बिहार उड़ीसा सभी सदमे में रहते हैं क्योंकि काफी अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे और इतने ही कम उम्र में उसकी मृत्यु हो जाती है।
बिरसा मुंडा मेमोरियल
भारत के आदिवासी नेता में बिरसा मुंडा का नाम बलिदानों में सब से ऊपर आता है। अपने लोगों और अधिकारों के लिए लड़ रहे बिरसा मुंडा के सम्मान में देशभर में कई स्थान पर बिरसा मुंडा के स्टैचू बनाया गया।
बिरसा मुंडा के नाम से स्कूल कॉलेज और एयरपोर्ट स्टेडियम में भी रखा गया जैसे कि बिरसा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी बिरसा कृषि विद्यालय बिरसा मुंडा एयरपोर्ट आदि स्थानों के नाम है।
कुछ महत्वपूर्ण प्रसन जो परीक्षा में आते हैं
1. बिरसा मुंडा का नारा क्या था
Ans बिरसा मुंडा का नारा था भारत देश हमारा है।
2. बिरसा मुंडा की मृत्यु कब हुई
Ans बिरसा मुंडा का मृत्यु 9 जून 19 को 25 साल की उम्र में रांची के एक जेल में हो गया था।
3. बिरसा मुंडा का मौत कैसे हुआ था
Ans बिरसा मुंडा का मौत हैजा बीमारी से हुआ था।
4. बिरसा मुंडा का गांव का क्या नाम है
Ans बिरसा मुंडा का गांव का नाम उलिहातु हैl
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