दशरथ मांझी का जीवन परिचय Dashrath Manjhi biography in Hindi
इस लेख में जानेंगे दशरथ मांझी कौन थे और उसने क्या किया और उसका जन्म कहां हुआ उसका घर कहां हैं।
जोहर दोस्तों आज ऐसे व्यक्ति के बारे में आप लोगों को बताने जा रहे हैं जो की अपने प्यार के लिए एक ही विशाल पहाड़ को एक छेनी और हथौड़ी से तोड़ के रख देता है।
दशरथ मांझी का गांव
दशरथ मांझी का जन्म बिहार के गया जिले के गहलोर गांव में हुआ था।
दशरथ मांझी का जन्म 14 जनवरी 1934 में हुआ था बिहार राज्य के गया जिले के गहलोत गांव में हुआ था।
दशरथ मांझी को पहाड़ क्यों तोड़ना पड़ा ?
दशरथ मांझी को पहाड़ तोड़ने का मुख्य कारण यह था कि दशरथ मांझी लकड़ी काटने के लिए पहाड़ के उसे पर जाते थे और रोजाना इसका यही काम था एक दिन जब उनकी पत्नी दशरथ मांझी के लिए खाना लेकर जा रही थी जिसके कारण पहाड़ में पैर फिसलने के कारण उसकी गंभीर चोट आ जाती है।
गंभीर चोट होने के कारण उन्हें अस्पताल जल्द ही जल्द ले जाना था लेकिन हॉस्पिटल जाने के लिए दो रास्ते थे एक रास्ते में लगभग 50 किलोमीटर की दूरी था और एक रास्ते में लगभग 15 किलोमीटर की दूरी 15 किलोमीटर की दूरी यानी पहाड़ को चढ़कर उसे तरफ जाना पड़ता तो 15 किलोमीटर लगता।
दशरथ मांझी अपनी पत्नी को पहाड़ के रास्ते अस्पताल ले जा रहे थे जिनके क्रम में उसकी मृत्यु अत्यधिक चोट लगने के के कारण हो जाती है। दशरथ मांझी की पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने सोचा कि जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं और उन्होंने अपने घर में बकरी को बेचकर एक छैनी और हथोड़ा खरीदा और पहाड़ के सामने एक झोपड़ी बनाया और वहीं पर रहने लगे और वहां पर रोज काम पहाड़ को तोड़ने का काम करने लगे।
लोग दशरथ मांझी को पागल क्यों कहते थे ?
लोग दशरथ मांझी को पागल इसलिए कहते थे क्योंकि लोगों को विश्वास नहीं था कि वह एक अकेला इंसान उसे पहाड़ को एक छैनी और हथौड़ी से तोड़ लेगा लेकिन दशरथ मांझी का जीत के आगे और जुनून के आगे उसे पहाड़ को झुकना पड़ा और यह एक दिन आता है कि पहाड़ों के बीचो-बीच एक रास्ता बनता है।
और दशरथ मांझी का नाम द माउंटेन मैन के रूप में इतिहास के पन्नों में लिखा गया।
कितना समय लगा दशरथ मांझी को पहाड़ को तोड़ने में ?
दशरथ मांझी को पहाड़ को तोड़ने के लिए 22 वर्ष लग गय। वह एक अकेला इंसान था जिन्होंने एक पहाड़ को एक चीनी और हथौड़ी से तोड़ दिया और बीचो-बीच रास्ता बना दिया।
दशरथ मांझी का बेटा का नाम भागीरथ मांझी है।
दशरथ मांझी के घर अभी तक उसका कोई विकास नहीं हुआ है उसके परिवार का ना ही उसका घर एक पक्का घर है ना ही रहने के लिए अच्छा घर सरकार को जरूर इस पर ध्यान देना चाहिए और उसके परिवार के लिए कुछ सहयोग करना चाहिए।
दशरथ मांझी दुनिया से चले गए लेकिन अपने यादों को छोड़ गए दशरथ मांझी का यह डायलॉग अभी इंस्टाग्राम में काफी पॉप्युलर है जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं।
दशरथ मांझी का मृत्यु ?
दशरथ मांझी का मृत्यु 73 साल की उम्र में 17 अगस्त 2007 को निधन हो गया है, और दशरथ मांझी का अंतिम संस्कार बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया और उनके नाम पर 3 किलोमीटर लंबी सड़क बनवाई और एक अस्पताल का निर्माण करवाया।
दशरथ मांझी के नाम पर एक फिल्म बनाया गया
जिस फिल्म का नाम है द माउंटेन मैन।
अगर आपको यह जानकारी अच्छे लगे तो अपने दोस्तों को जरुर शेयर करें और कमेंट जरुर करें अगर कुछ छूट गया होगा तो आप जरूर कमेंट करें हम अवश्य सुधार करेंगे धन्यवाद सबका कमेंट पढ़ा जाएगा और सब का रिप्लाई दिया जाएगा धन्यवाद

India Vlog
I am an artist ,Video Editer and Vlogger . मेरा मुख्य कार्य गरीब,असहाय ,जरुरतमंद ,लोगों को सहायता पहुंचाना ? आप सभी के सहयोग से ये काम हम करते हैं । For daily routine of all Indian people with me.. Bhola swarthi. मैं आप को भारत के लोग और भारत के प्राकृति जगह को और स्थान को आप तक पहुँचाने का एक प्रयास कर रहा हूँ इन्टरनेट के माध्यम से आपको हर जगह को और स्थान दिखाने वाले है। भारत के निम्नलिखित जगह: आप को देखने को मिलेगा ।
Leave a Reply